
तभी आखिर में दुआ गुस्से से बोली,
“व्यांश, कम से कम तुम बड़े हो गए हो, तुम तो समझ जाओ। तुम अपने बेटे के साथ ऐसे कैसे कर सकते हो? इतनी मुश्किल से तो वो मुझसे बात कर रहा है, वरना वो तो मेरी तरफ देख भी नहीं रहा था। वो मुझसे डर रहा था और तुम फिर से उसे मुझसे दूर कर रहे हो। प्लीज व्यांश, तुम चले जाओ यहां से।”




















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