
तभी साशा तुरंत आगे आते हुए बोली, “डैडी, क्या पागल हो गए हैं? ये कैसी बकवास कर रहे हैं? मुझे लगता है कि आपको ऐसा नहीं कहना चाहिए। आपने उसकी हालत देखी? पहले ही वो युविका के बिना लगभग पागल हो गई थी और अब आपकी ऐसी बातों से वो बिल्कुल टूट जाएगी।”
लेकिन दूसरे ही पल युवराज ने ठंडी आवाज़ में कहा, “नहीं, मुझे इस लड़की से बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ता। इसकी हिम्मत कैसे हुई मेरी बेटी को मुझसे पूरे दो साल तक छुपाने की? जब इसे पता था कि इसने कोई गलती नहीं की, तो ये वापस क्यों नहीं आई? ये क्यों इतना डर रही थी? डरते तो वो हैं ना, जो गलतियां करते हैं। पर जब इसने कोई गलती नहीं की, तो इसे डरना भी नहीं चाहिए था। लेकिन इसने मुझसे छुपाकर मेरी ही बेटी को पैदा किया और उसे इतने वक्त तक अकेले बड़ा किया। इसकी सज़ा इसे ज़रूर मिलेगी और इसके बीच कोई भी नहीं आएगा। दावंश, तुझे सुनाई नहीं दिया? लेकर जा इसे।”




















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