
व्यांश की ऐसी बातें सुनकर आरुषि जी उसे हैरानी से देख रही थी, तो वहीं दुआ का चेहरा लाल पड़ चुका था। वो समझ नहीं पा रही थी कि आखिर ऐसी कंडीशन में वो क्या बोले।
दूसरे ही पल व्यांश ने अपनी ठंडी आवाज़ में कहा, “mom , क्या आप मुझे बताएँगी कि आप यहाँ क्या करने आई थीं? देखिए प्लीज़, जो भी बात है साफ़-साफ़ बताइए। मेरे पास अभी बिल्कुल भी टाइम नहीं है।”




















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