
व्यांश ने दांत पीसते हुए कहा, "आपको क्या लगा मुझे पता नहीं चलेगा कि आप मेरे ही पीठ पीछे कौन सी साजिश कर रही हैं? यहां तक कि आप तो मेरे बेटे को लेकर यहां से भागने वाली थीं। क्या मैं आपको इतनी आसानी से जाने देता?"
यह सब सुनकर अब दुआ को समझ नहीं आया कि वह क्या जवाब दे। वह बिल्कुल शॉक थी और अपनी नज़रें इधर-उधर घुमाने लगी। लेकिन तभी व्यांश ने गुस्से से उसके बाजू को पकड़ कर कहा, "दुआ, मेरी आंखों में देखिए, नज़रें चुराने की ज़रूरत नहीं है। आपने मुझे बहुत ज़्यादा हर्ट किया है। आप हर बार मेरे साथ ऐसा ही करती हैं, कभी किसी की मजबूरी में आकर तो कभी कुछ और..."




















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