
वृहंश की इन सब बातों को सुनकर अब अकीरा की आंखों से आंसू गिरने लगे। वह सीरियस हो कर एकटक देखने लगी, लेकिन वृहंश ने अपनी ठंडी आवाज में कहा, "तुम्हें एहसास भी है तुम्हारी इस गलती की वजह से मेरे बेटे पर क्या बीत रही है? वैसे तुम जैसी लड़कियों को तो फर्क नहीं पड़ेगा, तुम्हारा तो काम ही यही होता है—अमीर लड़कों को फंसाना फिर किसी दूसरे के साथ सो जाना।"
लेकिन अब अकीरा बर्दाश्त नहीं कर पाई। वह गुस्से से चिल्लाकर बोली, "अभी के अभी मेरे घर से बाहर निकल जाइए, वरना मैं भूल जाऊंगी कि आप विद्युत के डैडी हैं!"




















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