
दूसरी तरफ, कुछ ही देर में कार Randhawa Palace के बाहर आकर रुकी। युवराज तेज कदमों से अंदर की तरफ बढ़ा। अंदर पहुँचते ही वो गुस्से में चिल्लाया, "साशा! साशा बेटा कहाँ हो तुम? अभी के अभी मेरे सामने आओ!"
उसकी आवाज़ सुनकर आरोही, जो किचन में थी, दौड़ते हुए बाहर निकली और बोली, "क्या हुआ मिस्टर रंधावा? आप ऐसे चिल्ला क्यों रहे हैं? Everything alright?"




















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