
यशवर्धन के गुस्से से चिल्लाने से आइना डर गई। उसने तुरंत अपना सर नीचे झुकाते हुए कहा, "मुझे माफ़ कर दीजिए मिस्टर यश, मैं तो बस सारंग से डर गई थी इसलिए मैंने आपसे ऐसी बातें की।"
यशवर्धन गुस्से में बोला, "क्या तुम्हें मुझ पर यकीन नहीं है जो तुम उस इंसान से इतना डर रही हो? क्या तुम वाकई ऐसा सोचती हो कि मैं तुम्हें कुछ भी होने दूंगा? तुम आखिर ऐसा सोच भी कैसे सकती हो!"




















Write a comment ...