
नमन ने झटके के साथ उस लड़की को खुद से दूर किया और अपनी पैंट ऊपर करते हुए गुस्से में बोला, "तुम यहाँ क्या कर रही हो?"
इधर तारा की आँखें फटी की फटी रह गईं। वो हड़बड़ाहट में बाहर की तरफ भागते हुए बड़बड़ाई, "हे भगवान! ये मैंने क्या देख लिया? आखिर क्यों देख लिया? मेरे साथ ये क्या हो गया, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा। नहीं, नहीं... मुझे अपनी आँखें बदलवानी पड़ेंगी! कितना awkward और गंदा नज़ारा देख लिया मैंने। और उन्होंने भी मुझे देख लिया, अब वो मेरे बारे में क्या सोचेंगे? तारा, दीदी सही कहती हैं, तू एक नंबर की बेवकूफ है, कुछ भी बिना सोचे-समझे कर देती है!"




















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