
सुबह का वक्त था, और इस वक्त baby boy जोर-जोर से रो रहा था। दुआ की आंखें खुलीं, उसने एक नजर चारों तरफ देखा—वहां कोई नहीं था। वो खुद से बोली, "व्यांश रात भर वापस नहीं आया? मुझे उससे ऐसी उम्मीद नहीं थी। उसने मेरा दिल और भी ज्यादा तोड़ दिया।"
ये कहते हुए उसने baby boy को गोद में लिया और उसे feed करवाने लगी। थोड़ी देर बाद वो सो गया। उसके सो जाने के बाद दुआ ने धीरे से अपने पैर नीचे रखे, लेकिन तभी दरवाजा खुला और व्यांश अंदर आया। व्यांश को देखकर दुआ ने धीरे से पूछा, "व्यांश, क्या तुम रात भर कमरे में नहीं आए थे?"




















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