
इधर दूसरी तरफ, वीरांगी इस वक्त कैफेटेरिया में बैठी बातें कर रही थी। तभी उसने मुस्कुराते हुए कहा, "कुणाल, तुम्हारे साथ business करके मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला है।"
कुणाल ने smile के साथ कहा, "आप मुझे शर्मिंदा कर रही हैं, क्योंकि जितना मुझे आपसे सीखने को मिला है, उतना तो मैंने कुछ भी नहीं किया।"




















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