
"अरहान, क्या ये सच में आप हैं या फिर फिर से मेरा कोई सपना?" नियति ने अपनी sleepy voice में कहा। जिसे सुनकर अरहान उससे दो कदम दूर होते हुए बोला, "मैं यहाँ ध्वनि से मिलने आया था। मुझे पता चला कि ध्वनि आज तुम्हारे साथ सो रही है, पर वो यहाँ नहीं है।"
अब जाकर नियति की आँखें पूरी तरह खुलीं, तो वो sarcastic होकर बोली, "मुझे लग रहा था कि शायद आप मुझे देखने आए हैं। लेकिन एक मिनट, जब मेरी आँखें खुलीं तब आप मेरे काफी close झुके हुए थे। क्या मैं जान सकती हूँ ऐसा क्यों?"




















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