
अकीरा और आशिका तो उस परछाई को देखते ही अपनी जगह पर freeze हो गईं। अकीरा ने तुरंत अपने कदम पीछे खींचते हुए कहा, "नहीं, ऐसा नहीं हो सकता! मिस्टर वृहंश यहाँ नहीं हो सकते।" वहीं आशिका के चेहरे के expressions भी कुछ ऐसे ही थे। वो धीरे से बोली, "मुझे भी यकीन नहीं हो रहा है। क्या ये सच में मिस्टर मौलिक हैं?"
अचानक उन दोनों के चेहरे पर गुस्सा आ गया। तारा ने उन्हें confused होकर देखा और बोली, "क्या ये वृहंश और मौलिक अंकल हैं? पर ये दोनों यहाँ क्या कर रहे हैं?"




















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