
तभी श्रेया एकदम से चिल्लाई, "यू ब्लडी! तुम खुद को समझती क्या हो? तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी दोस्त को ऐसी बात बोलने की?"
रिहाना के कदम रुके। वो गुस्से से मुड़ी और बोली, "तुम्हें इसकी इतनी फिक्र क्यों हो रही है? और तुमने ऐसी अनाथ लड़की को अपना दोस्त क्यों बनाया है? इसकी न तो कोई हैसियत है और न ही कोई औकात। तुम्हें तो अपनी हैसियत के हिसाब से दोस्त बनाना चाहिए। तुम मिनिस्टर की बेटी हो, कोई आम नहीं हो!"




















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