
द्वितांश उसकी ये बात सुनते ही गुस्से के साथ बोला, "एक्जेक्टली, ये मेरी ही रोड है, पर डैडी की नहीं बल्कि मेरे परदादा के नाम पर ये रोड बनी हुई है। तुमने मुझे जानबूझकर धक्का दिया है, जिसके लिए मैं तुम्हें नहीं छोड़ने वाला।"
उसी के साथ वो उसकी तरफ बढ़ा, तो रहमत तुरंत खड़ी हुई और हड़बड़ा कर बोली, "अच्छा, तो इसका मतलब कि सच में आपके अब्बा की रोड है? हमने तो बस ऐसे ही बोल दिया था। आई एम सो सॉरी, हमारे कहने का वो बिल्कुल भी मतलब नहीं था। प्लीज, आप ऐसी नाराजगी जाहिर मत कीजिए। आप जैसा बोलेंगे हम वैसा करेंगे, लेकिन आप हमसे गुस्सा मत होइए।"




















Write a comment ...