
विरांश ने जैसे ही ये कहा,
खनक के पैरों तले जमीन खिसक गई। लेकिन दूसरे ही पल वो नफरत के साथ बोली, "आपको क्या लगता है? आप एक छोटे से मासूम बच्चे पर ऐसा घटिया इल्जाम लगाएंगे और मैं ये सब कुछ बर्दाश्त कर लूंगी? मैं आपकी बात आसानी से मान जाऊंगी? मुझे तो समझ नहीं आता कि आप किस तरह के बाप हैं, किस तरह के इंसान हैं! जो अपने खुद के बेटे का नहीं हो पाया, वो किसी और का क्या होगा?"





















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