
"स्टॉप इट मॉम! मैं आपका बेटा हूँ, आप मुझसे ऐसी बात नहीं कर सकतीं।" वृहंश ने दूसरे ही पल गुस्से में कल्याणी जी को चुप कराया।
लेकिन कल्याणी जी का गुस्सा और भी ज़्यादा भड़क गया। वो बोलीं, "तुम्हें क्या लगता है? तुम मुझे ऐसे चुप कराओगे तो मैं चुप हो जाऊँगी? सच्चाई कभी नहीं बदलेगी। तुम्हारी एक मिस्टेक की वजह से दो-दो जिंदगियां बर्बाद हो गईं और सबसे ज़्यादा नाइंसाफी तो मेरे पोते विद्युत के साथ हुई है। क्या तुम कभी अकेले में सोचते हो कि तुमने अपने बेटे के साथ क्या किया है? वो अकीरा से पागलों की तरह प्यार करता है, जिस दिन उसे ये सच पता चल गया, उस दिन उस पर क्या बीतेगी?"




















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