
क्या कहा आपने? वृहंश ओबेरॉय आपके जीजाजी हैं? हां, क्यों? वैसे तुम जानती ही होगी, क्या पूरी दुनिया उन्हें जानती है। आज उनके ब्रांड्स, यहाँ तक कि सब उनका इंटरनेट तक यूज़ करते हैं। बहुत बड़े इंसान हैं, पर उतने ही अच्छे भी। मैं बहुत छोटा था जब उनकी मेरी बहन से शादी हुई थी। पहले तो वो मुझे इतने पसंद नहीं आए थे, पर फिर जब मैंने उन्हें अपनी बहन से इतना प्यार करते, उनकी इतनी इज़्ज़त करते देखा, तो मैं भी उनकी रिस्पेक्ट करने लगा।" ये कहते हुए राघव मुस्कुराया, लेकिन अकीरा के चेहरे का रंग उड़ गया था। उसने कोई रिएक्शन नहीं दिया, बस अपनी जगह बिल्कुल जम गई।
राघवेंद्र ने फिर कहा, "और तुम्हें पता है, सबसे अच्छी बात ये है कि उनकी फैमिली भी बहुत अच्छी है। फिर वो चाहे मिस्टर नमन हों या फिर कल्याणी आंटी। हमारे मॉम-डैड आउट ऑफ कंट्री रहते थे, कल्याणी आंटी किसी बच्चे की तरह मेरा ख्याल रखती थीं। एक तरह से उनकी पूरी फैमिली ही डाउन टू अर्थ है। बस मेरी बहन को अगर कैंसर नहीं हुआ होता, तो वो हमें कभी छोड़कर नहीं जाते और आज तो उनके एक-दो बच्चे और होते।"




















Write a comment ...