
इधर दूसरी तरफ,
हीर अपने कमरे में आई। कमरे में पहुँचते ही वो गुस्से से बोली, "आखिर ये इंसान खुद को समझता क्या है? पहले तो मुझे जबरदस्ती वहाँ से लेकर आ गया और उसके बाद मुझे ही एटीट्यूड दिखा रहा है। कभी-कभी लगता है जैसे कि ये मेरा नौकर नहीं बल्कि मैं इसकी नौकर हूँ।"





















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