
इधर कमरे के अंदर अकीरा सूप पी रही थी और कल्याणी जी उसके पास बैठकर बातें कर रही थीं।
सूप खत्म करने के बाद अकीरा ने प्यार से कहा, "दादी, ये बहुत ज्यादा टेस्टी था। मुझे लग रहा था कि बीमार हूं तो शायद सिर्फ हॉस्पिटल जैसा बोरिंग खाना ही मिलेगा, पर आपके हाथों में तो जादू है!"




















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