
तभी एक जोरदार थप्पड़ की आवाज कमरे में गूंज उठी।
तारा जमीन पर गिर पड़ी, उसकी आंखों में fear साफ दिख रहा था। रेणुका नीचे झुकी और उसके बालों को कसकर पकड़ते हुए बोली, "पागल लड़की! कौन सी मनहूस घड़ी में मैंने तुझ जैसी औलाद को पैदा किया था? तुझे इतनी भी अक्ल नहीं है? तूने अपनी dignity बेच दी, वो भी पैसों के लिए!"




















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