
हीर लगभग चीखते हुए फोन पर बोली, "भाई, आप ये क्या बकवास कर रहे हैं? विवांश को कुछ भी नहीं होगा, समझे आप? आपको झूठ बोलने की जरूरत नहीं है! जब मैं वापस घर जा रही थी, तो डॉक्टर उसका इलाज कर रहे थे। फिर आप अचानक उसकी मौत की बात कैसे बोल सकते हैं?"
उधर से हर्षवर्धन ने जवाब दिया, "मैं जानता हूं तुम उसे पसंद करती थी, इसलिए उसकी मौत का तुम्हें दुख है, पर इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता। मैं खुद वहां उसके लिए खड़ा था, लेकिन जब डॉक्टर बाहर निकले तो उन्होंने कहा कि वो अब इस दुनिया में नहीं है। तो अब इसके बदले मैं कुछ नहीं कर सकता, तुम्हें यहां आने की जरूरत..."





















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