
इधर दूसरी तरफ,
ध्रुवी पूरे गार्डन में, इधर से उधर देख रही थी। तभी उसने अथर्व से परेशान होते हुए कहा, "भाई, थोड़ी देर पहले ही वो यहीं मेरी नजरों के सामने थी, फिर अचानक से कहां जा सकती है? देखिए भाई, पहले ही मुझे मेरी बहन बहुत सालों बाद मिली है, अब मैं उसे दोबारा नहीं खो सकती। इसलिए प्लीज कुछ भी कीजिए पर उसे ढूंढिए!"




















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