
साशा दर्द में बुरी तरह तड़प रही थी,
वो इधर से उधर अपना सिर घुमा रही थी। "ओ गॉड! मेरा दर्द बढ़ता जा रहा है, मुझे लगता है कि आज ही मेरी डिलीवरी होगी, पर मैं इसे कैसे हैंडल करूँ? यहाँ तो मिस्टर दावंश भी नहीं हैं और कोई भी दिखाई नहीं दे रहा है, मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा!"




















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