
तभी नियति आगे बढ़ी
और तुरंत ध्वनि को संभालते हुए बोली, "दीदी, प्लीज तुम्हें खुद की फिक्र करने की जरूरत नहीं है, ऐसे लोगों की बद्दुआ नहीं लगती।" लेकिन ध्वनि काफी ज्यादा रोने लगी थी। उसने रोते हुए कहा, "मुझे दुआ और बद्दुआ पर बहुत यकीन है, अगर उसने बद्दुआ दे दी है, तो मुझे डर लग रहा है, मुझे बहुत ज्यादा घबराहट हो रही है।"




















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